Tuesday, 31 May 2016
नकारात्मक नहीं सकारात्मक सोचिए
ॐ
एक समय की बात है, किसी राज्य में एक राजा था,
जिसकी केवल एक टाँग और एक आँख थी उस राज्य में
सभी लोग खुशहाल थें क्योंकि राजा बहुत बुद्धिमान और प्रतापी था।
एक बार राजा को विचार आया कि
क्यों ना खुद की एक तस्वीर बनवायी जाए, बस फिर क्या था,...
देश-विदेशों से चित्रकारों को बुलवाया गया, और
एक से एक बड़े चित्रकार राजा के दरबार में आये।
राजा ने उन सभी से आग्रह किया कि वो उसकी एक
सुन्दर सी तस्वीर बनाएं जो राजमहल में लगायी जाएगी।
सारे चित्रकार सोचने लगे कि राजा तो विकलांग है,
फिर उसकी तस्वीर को बहुत सुन्दर कैसे बनाया जा सकता है ..?
ये तो संभव ही नहीं है और
अगर तस्वीर सुन्दर नहीं बनी तो राजा गुस्सा होकर दंड देगा।
यही सोचकर सारे चित्रकारों ने राजा की तस्वीर बनाने से मना कर दिया।
राजा निराश हो गया, तभी पीछे से एक चित्रकार नें
अपना हाथ खड़ा किया और बोला कि मैं आपकी बहुत
सुन्दर तस्वीर बनाऊँगा जो आपको जरूर पसंद आएगी।
फिर चित्रकार राजा की आज्ञा लेकर तस्वीर बनाने में जुट गया।
काफी देर बाद उसने एक तस्वीर तैयार की जिसे देखकर राजा
बहुत प्रसन्न हुआ और सारे चित्रकारों ने अपने दातों तले उंगली दबा ली।
उस चित्रकार ने एक ऐसी तस्वीर बनायी थी,
जिसमें राजा एक टाँग को मोड़कर जमीन पर बैठा है,
तथा एक आँख बंद करके अपने शिकार पर निशाना लगा रहा है।
राजा ये देखकर बहुत प्रसन्न हुआ कि:
उस चित्रकार ने राजा की कमजोरियों को छिपा कर कितनी
चतुराई से एक सुन्दर तस्वीर बनाई है, राजा ने उसे खूब इनाम दिया।
तो, क्यों ना हम भी दूसरों की कमियों को छुपाएँ,
उन्हें नजर अंदाज करें और अच्छाइयों पर ध्यान दें।
पर हम सब तो हमेशा दूसरों की बुराइयों पर ही ध्यान देते हैं।
हमें नकारात्मक परिस्थितियों में भी सकारात्मक सोचना चाहिए,
क्योंकि हमारी सकारात्मक सोच ही हमारी समस्याओं को हल करती है,
Jai shri Krishna Frendz
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