Monday, 23 February 2015

स्वाइन फ्लू का सच

स्वाइन फ्लू का सच

मित्रो जैसा की आप जानते हैं पिछले कुछ दिनो से पूरे देश मे हँगामा हो रहा है swine flu आ गया swine flu आ गया ! swine flu आ गया ! अखबारो मे front page पर खबर है! TV चैनलो पर इसके इलवा दूसरी कोई खबर ही नही है !

लेकिन क्या आप जानते है ??

हमारे देश मे हर दिन कैंसर से ओसतन(avg) 1500 लोग मरते है ! लेकिन कोई खबर नही आती !

दमा , अस्थमा ,ट्यूबर क्लोसिस लगभग 1200 लोग रोज मरते हैं लेकिन कोई खबर नहीं आती !

heart attack से हर दिन 800 से 1000 लोग मरते हैं !
लेकिन कोई खबर नहीं आती !

तो इतनी बड़ी मौत के आंकड़े हैं ! कैंसर ,दमा अस्थमा ,ट्यूबर क्लोसिस,heart attack ! इनके बारे मे मीडिया मे कोई चर्चा नहीं है ! चर्चा सिर्फ एक ही है swine flu,swine flu,swine flu,

इसका एक रहस्य है ! रहस्य ये है कैंसर का वैक्सीन (vaccine) नहीं बनता !वैक्सीन (vaccine का अर्थ आप समझते है ??
जो दवा पहले पिला दी जाती है कि ये ले लो आपको ये बीमारी नहीं होगी !!,
तो कैंसर का वैक्सीन (vaccine) नहीं बनता !दमा का वैक्सीन नहीं बनता ,अस्थमा का वैक्सीन नहीं बनता, ट्यूबर क्लोसिस का वैक्सीन नहीं बनता ! heart attack का वैक्सीन नहीं बनता !

मतलब ये है कि जिन बीमारीयों का कोई वैक्सीन नहीं बनता media उनकी चर्चा नहीं करता ! क्यूंकि कंपनियो को इन बीमारियो से कोई लाभ होने की गुंजाईश नहीं !

लेकिन swine FLU का वैक्सीन बन सकता है ,avian flu का वैक्सीन बन सकता है sars का वैक्सीन बन सकता है ! और थोड़े दिन पहले bird flu आया था ! उसका वैक्सीन बन सकता है !

तो swine है ,avian flu है ,bird flu है ! इन सबके वैक्सीन बन सकते है और बाजार मे बिक सकते हैं ! तो इनमे कंपनियो को भयंकर मुनाफा है ! इस लिए ये सब परयोजित तरीके से media मे दिखाया जाता है !

एक अमेरिकन कंपनी है वे swine flu की दवा बानाती है जिसका नाम है tamiflu ! और जैसा की आप जानते है किसी भी बीमारी की वैक्सीन मे हमेशा बीमारी के virus को ही मृत रूप मे डाला जाता है ! तो ये tamiflu दवा बनाते बनाते virus uncontrolled हुआ ! और उसने swine flu को फैलाना शुरू किया सारी दुनिया मे !

मतलब एक अमेरिकन कंपनी की बदमाशी से एक अमेरिकन कंपनी की गैरजिम्मेदारी से से swine flu का virus सक्रीय हुआ और उसने 30 देशो को अपनी चपेट मे ले लिया ! अब वो 30 देश है tamiflu के ग्राहक हो गए ! अब जिनको swine flu होने की संभावना है या हो गया है डाक्टर उनको एक ही दवा लिख रहे है tamiflu खाओ tamiflu खाओ !

लेकिन जो विद्वान डाक्टर है जो इन कंपनियो के चक्कर मे नहीं फँसते ! वो बता रहे है tami flu कभी मत खाओ ! क्यूकि आपने जब tamiflu खाया ! तो ये जो swine flu का virus है ये structure बदलने मे माहिर है तुरंत नया structure ले सकता है और फिर उसमे रजिसटेन्स आ सकता है और फिर जितना मर्जी tamiflu खाना ठीक ही नहीं होगा !

तो ऐसा आंतक पूरे देश मचा दिया है जिसके दो ही उदेश्य है ज्यादा से ज्यादा tamiflu दवा बेचना ! जो पिछले 10 सालो से कंपनी ने गोदामो मे भरी हुई है ! अब वो गोदाम को toothpaste के गोदाम तो नहीं है जो रोज करे और फेंक दे ! इसके लिए डर ,दहशत ,आंतक पैदा करना पड़ता है ! डर दहशत और आंतक के चक्कर मे मजबूर हो जाता है आदमी मंहगी से महंगी दवा खाने पर और महंगा से मंहगा इलाज करवाने पर !

तो आपसे ये बात कहनी है ये swine flu का virus इसी तरह का एक propaganda है और ये swine flu नहीं media flu है media ने पैदा किया है !

दोस्तो ये कंपनिया कितनी बड़ी हत्यारी और लूट खोर हो सकती हैं आप सोचिए ! सन 1916 से 1919 मे एक बीमारी फैल गई पूरी दुनिया मे उसका नाम था avian flu ! और पूरी दुनिया मे इससे बीमारी से 4 crore लोग प्रभावित हुये ! लेकिन 4 crore मे से सिर्फ 6 हजार लोगो की मौत हुई ! तभी अमेरिका की एक कंपनी मे एक वैक्सीन बना दिया avian flu का ! और वो धडले से बिका पूरी दुनिया मे ! और आपको ये जान कर बहुत दुख होगा वो वैक्सीन लेने के बाद 60 लाख लोग पूरी दुनिया मे मर गए !

बीमारी आने से 6 हजार लोग मरे लेकिन बीमारी का वैक्सीन लेने 60 लाख लोग पूरी दुनिया मे मर गए ! तो आप सोचिए ये वैक्सीन कितने खतरनाक हो सकते हैं ! अभी इसी बात का डर है ऐसे ही swine flu का वैक्सीन आने वाला है ! पता नहीं उससे क्या होगा !! और swine flu के एक वैक्सीन की कीमत कंपनी बोल रही है 3000 रुपए ! आप सोचिए इसके डर अगर भारत मे केवल 10 crore लोगो ने ही वैक्सीन लगा दिया ! तो 30 हजार crore की बिक्री तो कंपनी की केवल भारत मे ही हो गई !

ऐसे ही दोस्तो कुछ साल पहले की बात है आपको याद होगा ! पूरे भारत मे खबर फैल गई hepatitis b आ गया hepatitis b आ गया ! और कितने ही करोड़ लोगो ने इसका वैक्सीन लिया !(आपमे से भी शायद बहुत लोगो ने लिया होगा या अपने बच्चो को पिलाया होगा !) हर जगह इसके कैंप लगाए गए ! डर के कारण पागलो की तरह भीड़ उमड़ी ! थोड़े दिन बाद मुंबई हाईकोर्ट मे इसके खिलाफ मुकदमा हुआ ! तब कोर्ट ने आदेश दिया इसकी जान micro (सूक्षम ) सतर पर करो !!

फिर तब पता चला ये hepatitis b नाम की बीमारी भारत मे होती ही नहीं है ! बीमारी होती है hepatitis A की जिसे आप पीलिया बोलते हैं सामान्य ये बारिश के दिनो मे होती ही है ! पानी मे गंदगी आने से ये होता है !! तो बीमारी होती है hepatitis A की और वैक्सीन दे दिया hepatitis b का ! तो सबको वैक्सीन पिला हजारो करोड़ दो कंपनियो ने लूट लिया !बाद मे अदालत का फैसला आया !
अगर बीमारी ही नहीं है तो वैक्सीन क्यूँ लगाए ! तब आदालत ने आदेश दिया हो hepatitis b का वैक्सीन पिलाएगा ! उसको जेल मे डाल देंगे !!

उसके बाद सभी संस्थाओ ने इसको बंद कर दिया ! और फिर कंपनी ने भी इसका धंधा बंद कर दिया !! अधिकारियों का कहना था सारा माल बिक गया है ! अब तो वैसे भी जरूरत नहीं !

तो दोस्तो इसी तरह का ड्रामा जल्दी swine flu के नाम पर होने वाला है ! कंपनी को आपके स्वास्थ्य से कोई मतलब नहीं उनको बस माल बेचना और पैसा कमाना है ! इस लिए आप जरा संभल कर रहिए ! वैक्सीन के इलावा ये कंपनिया mask भी बेचेंगी ! और ये अफवाह फैलाएंगी !कि इसी mask से control होगा ! और उसकी भी 500 /700 रुपए मे बेच डालेंगी !

और कुछ educated idiots अपना status समझ के पहनेगे ! और अपने बच्चो को पहनाएंगे ! और लोग भी इनको देखा देखी शुरू हो जाएँगे ! और कुछ डर के कारण पहन लेंगे ! तो आप अपनी थोड़ी बुद्धि का प्रयोग करे ! इस तरह की लूट से खुद बचे और देश को बचाये !

चरित्र का महित्त

चरित्र का महत्त्व

किसी भी व्यक्ति में शरीर का बल तो आवश्यक है; पर उससे भी अधिक महत्त्वपूर्ण उसमें चरित्रबल अर्थात शील है। यदि यह न हो, तो अन्य सभी शक्तियाँ भी बेकार हो जाती हैं। प्राचीन भारतीय साहित्य में प्रह्लाद की कथा आती है, जो इसका महत्त्व बताती है।
राक्षसराज प्रह्लाद ने अपनी तपस्या एवं अच्छे कार्यों के बल पर देवताओं के राजा इन्द्र को गद्दी से हटा दिया और स्वयं राजा बन गया। इन्द्र परेशान होकर देवताओं के गुरु आचार्य वृहस्पति के पास गये और उन्हें अपनी समस्या बतायी।
वृहस्पति ने कहा कि प्रह्लाद को ताकत के बल पर तो हराया नहीं जा सकता। इसके लिए कोई और उपाय करना पड़ेगा। वह यह है कि प्रह्लाद प्रतिदिन प्रात:काल दान देते हैं। उस समय वह किसी याचक को खाली हाथ नहीं लौटाते। उनके इस गुण का उपयोग कर ही उन्हें पराजित किया जा सकता है।
इन्द्र द्वारा जिज्ञासा करने पर आचार्य वृहस्पति ने आगे बताया कि प्रात:काल दान-पुण्य के इस समय में तुम एक भिक्षुक का रूप लेकर जाओ। जब तुम्हारा माँगने का क्रम आये, तो तुम उनसे उनका चरित्र माँग लेना। बस तुम्हारा काम हो जाएगा।
इन्द्र ने ऐसा ही किया। जब उन्होंने प्रह्लाद से उनका शील माँगा, तो प्रह्लाद चौंक गये। उन्होंने पूछा - क्या मेरे शील से तुम्हारा काम बन जाएगा ? इन्द्र ने हाँ में सिर हिला दिया। प्रह्लाद ने अपने शील अर्थात् चरित्र को अपने शरीर से जाने को कह दिया।
ऐसा कहते ही एक तेजस्वी आकृति प्रह्लाद के शरीर से निकली और भिक्षुक के शरीर में समा गयी। पूछने पर उसने कहा - मैं आपका चरित्र हूँ। आपके कहने पर ही आपको छोड़कर जा रहा हूँ।
कुछ समय बाद प्रह्लाद के शरीर से पहले से भी अधिक तेजस्वी एक आकृति और निकली। प्रह्लाद के पूछने पर उसने बताया कि मैं आपका शौर्य हूँ। मैं सदा से शील वाले व्यक्ति के साथ ही रहता हूँ, चूँकि आपने शील को छोड़ दिया है, इसलिए अब मेरा भी यहाँ रहना संभव नहीं है।
प्रह्लाद कुछ सोच ही रहे थे कि इतने में एक आकृति और उनके शरीर को छोड़कर जाने लगी। पूछने पर उसने स्वयं को वैभव बताया और कहा कि शील के बिना मेरा रहना संभव नहीं है। इसलिए मैं भी जा रहा हूँ।
इसी प्रकार एक-एक कर प्रह्लाद के शरीर से अनेक ज्योतिपुंज निकलकर भिक्षुक के शरीर में समा गये। प्रह्लाद निढाल होकर धरती पर गिर गये। सबसे अंत में एक बहुत ही प्रकाशमान पुंज निकला। प्रह्लाद ने चौंककर उसकी ओर देखा, तो वह बोला - मैं आपकी राज्यश्री हूँ। चूँकि अब आपके पास न शील है न शौर्य; न वैभव है न तप; न प्रतिष्ठा है न सम्पदा। इसलिए अब मेरे यहां रहने का भी कोई लाभ नहीं है। अत: मैं भी आपको छोड़ रही हूँ।
इस प्रकार इन्द्र ने केवल शील लेकर ही प्रह्लाद का सब कुछ ले लिया। नि:संदेह चरित्रबल मनुष्य की सबसे बड़ी पूँजी है। चरित्र हो तो हम सब प्राप्त कर सकते हैं, जबकि चरित्र न होने पर हम प्राप्त वस्तुओं से भी हाथ धो बैठते हैं।
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वैज्ञानिको की हत्याएं **

*** वैज्ञानिको की हत्याएं ***

जिस देश में 2 जवानों की मृत्यु की कीमत लगभग 2 हजार लोगो के जीवन को खतरा है सोचिये उस देश के 1 परमाणु वैज्ञानिक की हत्या की क्या की मत चुकानी होगी उस देश को लेकिन हम चूका रहे है। हममे से कई लोग इन सब बातों से अनजान है।

हमे ये पता है:-------------
~आज सलमान ने क्या किया ?
~मोदीजी ने क्या पहना ?
~केजरीवाल कितनी बार खांसा दिन में ???
~इस हफ्ते कोनसी फ़िल्म लगने वाली है?

लेकिन क्या ये पता है ??

2009 से 2013 के बीच इस देश के 10 परमाणु वैज्ञानिकों की हत्या कर दी गई ??

ये सभी लोग इस देश के कई प्रोजेक्टो से जुड़े हुए थे ???
नही पता न ?

क्योकि
~हम व्यस्त है वर्ल्ड कप में ,
~हम व्यस्त है दिल्ली के ड्रामे में
~हम व्यस्त है बिहार के सियासी माहौल में,
~हम व्यस्त है पाक की हार का जश्न मनाने में .
~हम व्यस्त है Team India की जीत में ..

1995 से लेकर 2010 तक इस देश के 32 केन्द्रों के 197 परमाणु वैज्ञानिकों की रहस्यमय मृत्यु हुई है। हमे पता ही नही।

1~दो जवानो की मृत्यु पर हम देश को सर पे उठा लेते है फिर इन मामलो में क्यों नही ??

2~वार्क के वैज्ञानिक एम पद्भ्नाभन (48) की लाश उनके ही फ्लेट में मिलती है।।

3~कैगा परमाणु संयंत्र से जुड़े सीनियर इंजी. एल.एन. महालिंगमकी लाश काली नदी में तैरती पाई जाती है। वह हफ्ते भर तक लापता होते है।।

4~2013 में विशाखापत्तनम में एक रेलवे ट्रेक किनारे इस देश के दो वैज्ञानिको की लाश मिलती है वे थे - k.k जोशीऔर अभिश शिवम्। यह दोनों वैज्ञानिक देश की पहली स्वदेशी पनडुब्बी अरिहंत के निर्माण से जुड़े थे।।

क्या हमे पता चला इन सबकी हत्या कैसे हुई ??
इन सबकी हत्याओं और कथित आत्महत्याओं के पीछे कौन है ???

2 दशको में देश के 200 परमाणु कर्मियों का रहस्यमयी मौत पर भी हम मौन है क्योकि हमे इन सब घटनाओं की खबर तक नही मिलने दी गई क्यों ???

इन सब में जो तरीके अपनाए गये वे सिर्फ दुनिया की चुनिन्दा खुफिया सर्विस अपनाती है - जिनमे CIA,
KGB, MI 6, मोज़द और ISI जैसी एजेंसियां शामिल होती है।

इस देश के परमाणु कार्यक्रम के जनक डा. होमी भाभा की भी रहस्यमयी हत्या तब संभावित CIA द्वारा कराई गयी थी।।

हम न जाने कहाँ खोये है और देश पर इतना बड़ा संकट मंडरा रहा है ।।

वंदेमातरम् ।।