Wednesday, 18 February 2015

गलत को गलत बताओ अपनी अबाज उठाओ

एक राजा था जिसकी प्रजा अच्छे भारतीयों की तरह सोई हुई थी ! बहुत से लोगों ने कोशिश की प्रजा जग जाए... अगर कुछ गलत हो रहा है तो उसका विरोध करे, लेकिन प्रजा को कोई फर्क नहीं पड़ता था !

राजा ने तेल के दाम बढ़ा दिए, प्रजा चुप रही... राजा ने अजीबो - गरीब टैक्स लगाए, प्रजा चुप रही... राजा ज़ुल्म करता रहा, लेकिन प्रजा चुप रही ..

एक दिन राजा के दिमाग में एक बात आई उसने एक अच्छे-चौड़े रास्ते को खुदवा के एक पुल बनाया जबकि वहाँ पुल की कतई ज़रूरत नहीं थी... प्रजा फिर भी चुप थी... किसी ने नहीं पूछा के भाई यहाँ तो किसी पुल की ज़रूरत नहीं है फिर आप क्यों बना रहे है ?

अब राजा ने अपने सैनिक उस पुल पर खड़े करवा दिए और पुल से गुज़रने वाले हर व्यक्ति से टैक्स लिया जाने लगा। फिर भी किसी ने कोई विरोध नहीं किया!

फिर राजा ने अपने सैनिको को हुक्म दिया कि जो भी इस पुल से गुजरे उसको 4 जूते मारे जाए और एक शिकायत पेटी भी पुल पर रखवा दी कि किसी को अगर कोई शिकायत हो तो अपनी शिकायत लिखकर पेटी मे डाल दे... लेकिन प्रजा फिर भी चुप ! राजा रोज़ शिकायत पेटी खोल कर देखता कि शायद किसी ने कोई विरोध किया हो... लेकिन उसे हमेशा पेटी खाली मिलती !

कुछ दिनो के बाद अचानक एक एक चिट्ठी मिली...राजा खुश हुआ कि चलो कम-से-कम एक आदमी तो जागा!

जब चिट्ठी खोली गई तो उसमें लिखा था - "हुजूर जूते मारने वालों की संख्या बढ़ा दी जाए... हम लोगो को काम पर जाने मे देरी होती है।“

याद रखीऐ आप की ये चुप्पी एक दिन इस देश को ले डूबेगी !! अगर जीना चाहते हो तो गलत को गलत बताओ और अपनी आवाज़ उठाओ !!!

वन्दे मातरम् !

प्रथम अबसर

एक नौजवान आदमी एक किसान
की बेटी से
शादी की इच्छा लेकर किसान के पास
गया.!!
किसान ने उसकी ओर देखा और कहा, ”
युवक,
खेत में जाओ.!
मैं एक एक करके तीन बैल छोड़ने वाला हूँ..!
अगर तुम तीनों बैलों में से किसी भी एक
की पूँछ
पकड़ लो तो मैं
अपनी बेटी की शादी तुमसे कर
दूंगा.”
नौजवान खेत में बैल की पूँछ पकड़ने
की मुद्रा लेकर
खडा हो गया. किसान ने खेत में स्थित घर
का दरवाजा खोला और एक बहुत
ही बड़ा और
खतरनाक बैल उसमे से निकला. नौजवान ने
ऐसा बैल
पहले कभी नहीं देखा था. उससे डर कर
नौजवान ने
निर्णय लिया कि वह अगले बैल
का इंतज़ार
करेगा और वह एक तरफ हो गया जिससे बैल
उसके
पास से होकर निकल गया.!!
दरवाजा फिर खुला. !
आश्चर्यजनक रूप से इस बार
पहले से भी बड़ा और भयंकर बैल निकला. !
नौजवान ने सोचा कि इससे
तो पहला वाला बैल ठीक था.!
फिर उसने एक ओर होकर बैल को निकल
जाने
दिया.!
दरवाजा तीसरी बार खुला. !
नौजवान के चहरे पर मुस्कान आ गई.!
इस बार एक छोटा और मरियल बैल
निकला. !
जैसे ही बैल नौजवान के पास आने लगा,
नौजवान ने उसकी पूँछ पकड़ने के लिए
मुद्रा बना ली ताकि उसकी पूँछ
सही समय पर
पकड़ ले. पर उस बैल की पूँछ थी ही नहीं.!!
कहानी से सीख……
जिन्दगी अवसरों से भरी हुई है. कुछ सरल हैं
और कुछ कठिन. पर अगर एक बार अवसर
गवां दिया तो फिर वह अवसर
दुबारा नहीं मिलेगा. !!
अतः हमेशा प्रथम अवसर
को हासिल करने का प्रयास
करना चाहिए.!!