Monday, 16 March 2015

जानिए फिटकरी के उपयोग

जानिये फिटकरी क्या-क्या कमाल कर सकती है....!

*फिटकरी का इस्तमाल खासतौर से बारिश के मौसम में पानी को साफ करने के लिए किया जाता है। फिटकरी को लोग सालों से काम में लेते आए हैं। फिटकरी आमतौर पर सब घरों में प्रयोग होती है।
*यह लाल व सफेद दो प्रकार की होती है। अधिकतर सफेद फिटकरी का प्रयोग ही किया जाता है।

जानिए फिटकरी के खास गुण:-
१-जिन लोगो को शरीर से ज्यादा पसीना आने की समस्या हो तो वो लोग नहाते समय पानी में फिटकरी को घोलकर नहाने से पसीना आना कम हो जाता है।
२-फिटकरी के पानी से योनि को सुबह-शाम नियमित धोएं। पंसारी से संगे जराहत और फिटकरी लेकर दोनों पीस लें और इस आधा ग्राम चूर्ण की फंकी ताजे पानी के साथ या गाय के दूध के साथ सुबह, दोपहर और शाम दिन में तीन बार लें। कुछ ही दिनों के प्रयोग से अवश्य लाभ होगा।
३-सर्दियों के समय में पानी में ज्यादा काम करने से हाथों की उंगुलियों में सूजन या खुजली हो जाती है इससे बचने के लिए हो थोड़े पानी में फिटकरी को डालकर उबाल लें और अब इस पानी से उंगुलियों को धोने से ‪#‎सूजन‬ और खुजली में काफी आराम मिल जाता है।
४-यदि चोट या खरोंच लगकर घाव हो गया हो और उससे खून बह रहा हो घाव को फिटकरी के पानी से धोएं तथा घाव पर फिटकरी का चूर्ण बनाकर बुरकने से खून बहना बंद हो जाता है।
५-फिटकरी और काली मिर्च पीसकर दांतों की जड़ों में मलने से दांतों की पीड़ा में लाभ होते है।
६-सेविंग करने के बाद चेहरे पर फिटकरी लगाने से चेहरा मुलायम हो जाता है।
७-आधा ग्राम पिसी हुई फिटकरी को शहद में मिलाकर चाटने से दमा और खांसी में बहुत लाभ मिलता है।
८-भुनी हुई फिटकरी 1-1 ग्राम सुबह-शाम पानी के साथ लेने से खून की उल्टी बंद हो जाती है।
९-दांत दर्द से बचने के लिए फिटकरी और काली मिर्च को पीसकर दांतों की जड़ों में मलने से दांतों का दर्द ठीक हो जाता है।
१०-फुलाई हुई फिटकरी एक तोला और मिश्री दो तोला दोनों को महीन पीसकर रख लें। एक-एक माशा नित्य सवेरे खाने से दमा के रोग में लाभ होता है।
११-प्रतिदिन दोनों समय फिटकरी को गर्म पानी में घोलकर कुल्ला करें ,इससे दांतों के कीड़े तथा मुंह की बदबू दूर हो जाती है ।
१२-डेढ़ ग्राम फिटकरी पाउडर को फांककर ऊपर से दूध पीने से चोट लगने से होने वाला दर्द दूर हो होता हैं।
१३-टांसिल की समस्या होने पर गर्म पानी में चुटकी भर फिटकरी और नमक डालकर गरारे करें। इससे टांसिल की समस्या में जल्दी ही आराम मिल जाता है।
१४-दस्त और पेचिश की परेशानी से बचने के लिए थोड़ी फिटकरी को बारीक पीसकर भून लें और अब इस भुनी हुई फिटकरी को गुलाब जल के साथ मिलाकर पीने से खूनी दस्त आना बंद हो जाता है।
१५-एक लीटर पानी में 10 ग्राम फिटकरी का चूर्ण घोल लें। इस घोल से प्रतिदिन सिर धोने से जुएं मर जाती हैं।
१६-दस ग्राम फिटकरी के चूर्ण में पांच ग्राम सेंधा नमक मिलाकर मंजन बना लें। इस मंजन के प्रतिदिन प्रयोग से दांतो के दर्द में आराम मिलता है ।
१७-भुनी हुई फिटकरी एक तोला, भुना हुआ तूतिया छह माशा, कत्छा एक तोला, इन सबको कूट पीसकर मंजन बनाकर लगाने से दांतों की पीड़ा दूर होती है और दांत मजबूत तथा सुदृढ़ होते हैं।
१८-कान में फुंसी हो अथवा मवाद आता हो तो एक प्याले में थोड़ी-सी फिटकरी पीसकर पानी डालकर घोलें और पिचकारी द्वारा कान धोएं।
१९-शहद में फिटकरी मिलाकर आंखों में डालने से आंखों की लाली समाप्त हो जाती है।
२०-खुजली वाली जगह को फिटकरी वाले पानी से धोएं और बाद में उस जगह पर थोड़ा-सा कड़वा तेल लगा लें। उस पर थोड़ा-सा कपूर भी डाल लें।

Saturday, 14 March 2015

अहंकार का नाश


यह कथा उस समय की है जब लंका जाने के लिए भगवान श्रीराम ने सेतु निर्माण के पूर्व समुद्र तट पर शिवलिंग स्थापित किया था। वहाँ हनुमानजी को स्वयं पर अभिमान हो गया तब भगवान राम ने उनके अहम का नाश किया। यह कथा इस प्रकार है-

जब समुद्र पर सेतुबंधन का कार्य हो रहा था तब भगवान राम ने वहाँ गणेशजी और नौ ग्रहों की स्थापना के पश्चात शिवलिंग स्थापित करने का विचार किया। उन्होंने शुभ मुहूर्त में शिवलिंग लाने के लिए हनुमानजी को काशी भेजा। हनुमानजी पवन वेग से काशी जा पहुँचे। उन्हें देख भोलेनाथ बोले- “पवनपुत्र!” दक्षिण में शिवलिंग की स्थापना करके भगवान राम मेरी ही इच्छा पूर्ण कर रहे हैं क्योंकि महर्षि अगस्त्य विन्ध्याचल पर्वत को झुकाकर वहाँ प्रस्थान तो कर गए लेकिन वे मेरी प्रतीक्षा में हैं। इसलिए मुझे भी वहाँ जाना था। तुम शीघ्र ही मेरे प्रतीक को वहाँ ले जाओ। यह बात सुनकर हनुमान गर्व से फूल गए और सोचने लगे कि केवल वे ही यह कार्य शीघ्र-अतिशीघ्र कर सकते हैं।

यहाँ हनुमानजी को अभिमान हुआ और वहाँ भगवान राम ने उनके मन के भाव को जान लिया। भक्त के कल्याण के लिए भगवान सदैव तत्पर रहते हैं। हनुमान भी अहंकार के पाश में बंध गए थे। अतः भगवान राम ने उन पर कृपा करने का निश्चय कर उसी समय वारनराज सुग्रीव को बुलवाया और कहा-“हे कपिश्रेष्ठ! शुभ मुहूर्त समाप्त होने वाला है और अभी तक हनुमान नहीं पहुँचे। इसलिए मैं बालू का शिवलिंग बनाकर उसे यहाँ स्थापित कर देता हूँ।”

तत्पश्चात उन्होंने सभी ऋषि-मुनियों से आज्ञा प्राप्त करके पूजा-अर्चनादि की और बालू का शिवलिंग स्थापित कर दिया। ऋषि-मुनियों को दक्षिणा देने के लिए श्रीराम ने कौस्तुम मणि का स्मरण किया तो वह मणि उनके समक्ष उपस्थित हो गई। भगवान श्रीराम ने उसे गले में धारण किया। मणि के प्रभाव से देखते-ही-देखते वहाँ दान-दक्षिणा के लिए धन, अन्न, वस्त्र आदि एकत्रित हो गए। उन्होंने ऋषि-मुनियों को भेंटें दीं। फिर ऋषि-मुनि वहाँ से चले गए।

मार्ग में हनुमानजी से उनकी भेंट हुई। हनुमानजी ने पूछा कि वे कहाँ से पधार रहे हैं? उन्होंने सारी घटना बता दी। यह सुनकर हनुमानजी को क्रोध आ गया। वे पलक झपकते ही श्रीराम के समक्ष उपस्थिति हुए और रुष्ट स्वर में बोले-“भगवन! यदि आपको बालू का ही शिवलिंग स्थापित करना था तो मुझे काशी किसलिए भेजा था? आपने मेरा और मेरे भक्तिभाव का उपहास किया है।”

श्रीराम मुस्कराते हुए बोले-“पवनपुत्र! शुभ मुहूर्त समाप्त हो रहा था, इसलिए मैंने बालू का शिवलिंग स्थापित कर दिया। मैं तुम्हारा परिश्रम व्यर्थ नहीं जाने दूँगा। मैंने जो शिवलिंग स्थापित किया है तुम उसे उखाड़ दो, मैं तुम्हारे लाए हुए शिवलिंग को यहाँ स्थापित कर देता हूँ।” हनुमान प्रसन्न होकर बोले-“ठीक है भगवन! मैं अभी इस शिविलंग को उखाड़ फेंकता हूँ।”

उन्होंने शिवलिंग को उखाड़ने का प्रयास किया, लेकिन पूरी शक्ति लगाकर भी वे उसे हिला तक न सके। तब उन्होंने उसे अपनी पूंछ से लपेटा और उखाड़ने का प्रयास किया। किंतु वह नहीं उखड़ा। अब हनुमान को स्वयं पर पश्चात्ताप होने लगा। उनका अहंकार चूर हो गया था और वे श्रीराम के चरणों में गिरकर क्षमा माँगने लगे।

इस प्रकार हनुमान ने अहम का नाश हुआ। श्रीराम ने जहाँ बालू का शिवलिंग स्थापित किया था उसके उत्तर दिशा की ओर हनुमान द्वारा लाए शिवलिंग को स्थापित करते हुए कहा कि ‘इस शिवलिंग की पूजा-अर्चना करने के बाद मेरे द्वारा स्थापित शिवलिंग की पूजा करने पर ही भक्तजन पुण्य प्राप्त करेंगे।’ यह शिवलिंग आज भी रामेश्वरम में स्थापित है और भारत का एक प्रसिद्ध तीर्थ है।

Friday, 13 March 2015

बहुत अच्छी कहानी दोस्तों के नाम

बहुत समय पहले की बात है , किसी गावं में 6 अंधे आदमी रहते थे. एक दिन गाँव वालों ने उन्हें बताया , ” अरे , आज गावँ में हाथी आया है.” उन्होंने आज तक बस हाथियों के बारे में सुना था पर कभी छू कर महसूस नहीं किया था.
उन्होंने निश्चय किया, ” भले ही हम हाथी को देख नहीं सकते , पर आज हम सब चल कर उसे महसूस तो कर सकते हैं ना?” और फिर वो सब उस जगह की तरफ बढ़ चले जहाँ हाथी आया हुआ था. सभी ने हाथी को छूना शुरू किया.
” मैं समझ गया, हाथी एक खम्भे की तरह होता है”, पहले व्यक्ति ने हाथी का पैर छूते हुए कहा.
“अरे नहीं, हाथी तो रस्सी की तरह होता है.”
दूसरे व्यक्ति ने पूँछ पकड़ते हुए कहा. “मैं बताता हूँ, ये तो पेड़ के तने की तरह
है.”,तीसरे व्यक्ति ने सूंढ़ पकड़ते हुए कहा. ” तुम लोग क्या बात कर रहे हो, हाथी एक बड़े हाथ के पंखे की तरह होता है.” ,
चौथे व्यक्ति ने कान छूते हुए सभी को समझाया. “नहीं-नहीं , ये तो एक दीवार की तरह है.”,
पांचवे व्यक्ति ने पेट पर हाथ रखते हुए कहा. ” ऐसा नहीं है , हाथी तो एक कठोर
नली की तरह होता है.”, छठे व्यक्ति ने अपनी बात रखी. और फिर बारी बारी से उन्होंने अपनी बात उस व्यक्ति को समझाई.
बुद्धिमान व्यक्ति ने सभी की बात शांति से सुनी और बोला ,” तुम सब अपनी-अपनी जगह सही हो. तुम्हारे वर्णन में अंतर इसलिए है क्योंकि तुम सबने हाथी के अलग-अलग भाग छुए हैं, पर देखा जाए तो तुम लोगो ने जो कुछ भी बताया वो सभी बाते हाथी के वर्णन के लिए सही बैठती हैं.”
” अच्छा !! ऐसा है.” सभी ने एक साथ उत्तर दिया . उसके बाद कोई विवाद नहीं हुआ ,और सभी खुश हो गए कि वो सभी सच कह रहे थे.
दोस्तों, कई बार ऐसा होता है कि हम अपनी बात को लेकर अड़ जाते हैं कि हम
ही सही हैं और बाकी सब गलत है. लेकिन यह संभव है कि हमें सिक्के का एक ही पहलु दिख रहा हो और उसके आलावा भी कुछ ऐसे तथ्य हों जो सही हों. इसलिए हमें अपनी बात तो रखनी चाहिए पर दूसरों की बात भी सब्र से सुननी चाहिए , और कभी भी बेकार की बहस में नहीं पड़ना चाहिए.
वेदों में भी कहा गया है कि एक सत्य को कई तरीके से बताया जा सकता है. तो , जब अगली बार आप ऐसी किसी बहस में पड़ें तो याद कर लीजियेगा कि कहीं ऐसा तो नहीं कि आपके हाथ में सिर्फ पूँछ है और बाकी हिस्से किसी और के पास हैं

Tuesday, 10 March 2015

कुछ मोबाइल से जुडी जानकारी

[3/10, 7:10 PM] ‪+91 78983 37567‬: अपने मोबाइल  फोन पे *#07#
डायल करें। यह आपके फोन
का radiation level पता करने के लिए है। अगर यह sirf 1.6watt/kg
से कम है तो ठीक है। पर अगर जयादा है । तो अभी अपना फोन बदल लें। और अगर *#07# आपके फोन पे
कोई सन्देश नहीं देत्ता
तो  फोन  बदलना बहुत
ही जरूरी है। यह रेडिएशन
आपके और आपके
परिवार वालों के लिए बहुत ही खतरनाक है।
आप सभी लोगो से गुज़ारिश है कि ये सुचना आपके whats app
के जितने ग्रुप्स हे उनमे भी send करे
[3/10, 7:27 PM] ‪+91 78983 37567‬: Vodafone USSD Codes:

Balance Check → *141#
V2V Nite Minutes → *147#
Check SIM Card Number → *111*2#
Free SMS Balance → *142#
Calling Balance → *145#
Free Local Minutes → *148#
Active Data Plans → *111*6*1#
Usage Allowance → *111*6*2#
Best Offers → *111*8#
Offers → *121#
Low Balance Services → *111*9#
Bonus Cards → *111*7*#
Vodafone Delights → *111*1#
Last Three Calls → *111*3*1#
Last Three SMS → *111*3*2#
Last 3 Charges → *111*4#
Last 3 Recharges → *111*5#
--------------------------

TATA DOCOMO USSD Codes:

Know Your Number → *1# or *580#
Balance Check → *111#
GPRS or Internet Data Check → *111*1#
Customer Care → 121
DND(Do Not Disturb) Call → 1909 or SMS → START DND to 1909
Recharge *135*2<Recharge Pin>#
Balance Inquiry → *191*2#
Validity → *191*3#
Service Points → *191*4#
Last 3 Recharge History → *191*5#
Status of free usage(Pool Balance) → *191*6#
Start/Stop Services → *191*7#
Service Request → *191*8#
Customer Preference → *191*9*1#
Home Zone Locations → *191*9*2#
Daily SMS Count → *191*9*3#
DATA → *191*9*4#
CALL → *191*9*5#
Prepaid Bill Request → *191*9*6#
Edit & Add Account Details → *191*9*7#
Special Offers → *191*9*8#
3G Internet Packs → *141*1#
Local Flavour → *141*2#
ILD Packs → *141*3#
New Internet Packs → *141*4#
Daily/Weekly Packs → *141*5#
Music Unlimited → *141*6#
Chat Zone → *141*7#
Discount Zone → *141*8#
Talk More → *141*9#

_______________________

Airtel USSD Codes:

Balance Check → *123#
Check Your Number → *140*1600# or *282#
Daily and Monthly SMS pack → *555# or *777#
Special Five Offers → *222#
Airtel Gift Service → *141#
Facebook Fontwise Service → *325#
My airtel My Offers → *121#
Check GPRS Data → *123*7# or *123*10#
Daily SMS Count → *125*5#
Mobile Office Activation or Deactivation → *567#
Direct Call Customer Care → 198p2p1p4p2
DND service call → 1909
Twitter service → *515#
3G data balance → *123*11#

_______________________
Idea USSD Codes:

Balance Check → *212# or *130# or *123#
Idea Service Menu → *147#
Check Your Number → *789# or *100# or *1#
Account balance → *456# or *457#
Check GPRS Balance → *125# or *131*3#
SMS Balance → *451#
Balance Transfer *567*Mobile Number*Rs.#
Idea Service → *147#
Idea Pack → *369#
Idea Price → *567#
Customer Care → 12345
Idea Menu → *111#
Active 3G → ACT 3G to 12345
Deactive 3G → DEACT 3G to 12345
GPRS Setting → SET to 12345

_______________________
BSNL USSD Codes:

Balance Check → *123#
GPRS/3G Data, Local SMS, Onnet Voice, GPRS Data Night, All Active STVs by SMS → *112#
SMS Local → *123*1#
National SMS → *123*2#
Network Call → *123*5#
Local Network Call → *123*6#
Night GPRS Pack → *123*8#
Video Call Balance → *123*9#

_______________________
Reliance USSD Codes:

Balance Check → *367# or *306# or *402#
Check Internet Data → *333*1*3*1# or *367*3#
Check Your Number → *1#
Recharge → *368# or *305*<1 digit pin>#
Special Packs → *777#
Caller Tunes → *999#
Packs → *123# or *321#
Free Net → *123*099#

_______________________
Aircel USSD Codes:

Check Your Own Number → *1# or *234*4#
Balance Check → *125# or *127#
GPRS Data → *126*1# or *126*4#
Available minutes and SMS → *123#

_______________________
Uninor USSD Codes:

Balance Check → *222*2#
Check SIM Card Number → *222*4#
_________________
Only for u.
एंड्राइड मोबाइल यूजर के काम के कोड
1. Phone Information, Usage and Battery – *#*#4636#*#*

2. IMEI Number – *#06#

3. Enter Service Menu On Newer Phones – *#0*#

4. Detailed Camera Information –*#*#34971539#*#*

5. Backup All Media Files –*#*#273282*255*663282*#*#*

6. Wireless LAN Test –*#*#232339#*#*

7. Enable Test Mode for Service –*#*#197328640#*#*

8. Back-light Test – *#*#0842#*#*

9. Test the Touchscreen –*#*#2664#*#*

10. Vibration Test –*#*#0842#*#*

11. FTA Software Version –*#*#1111#*#*

12. Complete Software and Hardware Info –*#12580*369#

13. Diagnostic Configuration –*#9090#

14. USB Logging Control –*#872564#

15. System Dump Mode –*#9900#

16. HSDPA/HSUPA Control Menu –*#301279#

17. View Phone Lock Status –*#7465625#

18. Reset the Data Partition to Factory State – *#*#7780#*#*

बड़े काम के कोड है इसलिए शेयर करे और दुसरो को भी बताये !

Monday, 2 March 2015

ईमली के उपयोग

गर्मियों में इमली के नियमित सेवन से लू की संभावना खत्म होती है। इमली का पेय हल्के विरेचक का कार्य भी करता है। साथ ही धूप में रहने से पैदा हुए सिरदर्द को भी दूर करता है।

पकी इमली अपच को दूर कर मुंह का स्वाद ठीक करती है। यह क्षुधावर्धक भी है। इमली पेट के कीड़ों से छुटकारा पाने के लिए भी उपयोगी है।
इसे हृदय का टॉनिक भी माना जाता है। पित्त समस्याओं के लिए रोजाना रात को एक बेर के बराबर मात्रा इमली कुल्हड़ में भिगो दें। सुबह मसलकर छान लें। थोड़ा मीठा डालकर खाली पेट पी जाएं। छः-सात दिन में लाभ नजर आने लगेगा।
इमली की पत्तियों का पेस्ट सूजन के अलावा दाद पर भी लगाया जाता है।
इसके फूलों से भूख बढ़ने के अलावा व्यंजनों का स्वाद भी बढ़ता है। आयुर्वेद में इमली के बीजों के भी औषधीय उपयोग हैं। इसके बीजों का पावडर पानी में घोलकर बिच्छू के काटे पर लगाया जाता है।
इमली के बीजों को रातभर पानी में भिगोकर सुबह छील लें व पीठ दर्द के लिए खूब चबाकर खा लें। फायदा होगा।

पान

भारतीय संस्कृति में पान को हर तरह से शुभ माना जाता है। धर्म, संस्कार, आध्यात्मिक एवं तांत्रिक क्रियाओं में भी पान का इस्तेमाल सदियों से किया जाता रहा है। 

इसके अलावा पान का रोगों को दूर भगाने में भी बेहतर तरीके से इस्तेमाल किया जाता है। खाना खाने के बाद और मुंह का जायका बनाए रखने के लिए पान बहुत ही कारगर है। कई बीमारियों के उपचार में पान का इस्तेमाल लाभप्रद माना जाता है।

पान में दस ग्राम कपूर को लेकर दिन में तीन-चार बार चबाने से पायरिया की शिकायत दूर हो जाती है। इसके इस्तेमाल में एक सावधानी रखना जरूरी होती है कि पान की पीक पेट में न जाने पाए। 

इसके अलावा चोट लगने पर पान को गर्म करके परत-परत करके चोट वाली जगह पर बांध लेना चाहिए। इससे कुछ ही घंटों में दर्द दूर हो जाता है। खांसी आती हो तो गर्म हल्दी को पान में लपेटकर चबाएं। 

यदि खांसी रात में बढ़ जाती हो तो हल्दी की जगह इसमें अजवाइन डालकर चबाना चाहिए। यदि किडनी खराब हो तो पान का इस्तेमाल बगैर कुछ मिलाए करना चाहिए। इस दौरान मसाले, मिर्च एवं शराब (मांस एवं अंडा भी) से पूरा परहेज रखना जरूरी है।

जलने या छाले पड़ने पर पान के रस को गर्म करके लगाने से छाले ठीक हो जाते हैं। पीलिया ज्वर और कब्ज में भी पान का इस्तेमाल बहुत फायदेमंद होता है। जुकाम होने पर पान में लौंग डालकर खाने से जुकाम जल्दी पक जाता है। श्वास नली की बीमारियों में भी पान का इस्तेमाल अत्यंत कारगर है। इसमें पान का तेल गर्म करके सीने पर लगातार एक हफ्ते तक लगाना चाहिए। 

पान में पकी सुपारी व मुलेठी डालकर खाने से मन पर अच्छा असर पड़ता है। यूं तो हमारे देश में कई तरह के पान मिलते हैं। इनमें मगही, बनारसी, गंगातीरी और देशी पान दवाइयों के रूप में ज्यादा कारगर सिद्ध होते हैं। भूख बढ़ाने, प्यास बुझाने और मसूड़ों की समस्या से निजात पाने में बनारसी एवं देशी पान फायदेमंद साबित होता है। 

चेतावनी :पान का अत्यधिक प्रयोग मुंह के कैंसर का कारण भी हो सकता है। यहां सिर्फ पान के औषधीय महत्व की जानकारी दी गई है।

शहद के घरेलु उपयोग

शहद --

को आयुर्वेद में अमृत माना गया है। जब भी शहद का सेवन करें नीचे लिखी बातों को जरूर ध्यान में रखें।

- चाय, कॉफी में शहद का उपयोग नहीं करना चाहिए। शहद का इनके साथ सेवन जहर के समान काम करता है।

- अमरूद, गन्ना, अंगूर, खट्टे फलों के साथ शहद अमृत है।
- इसे आग पर कभी न तपायें।
- मांस, मछली के साथ शहद का सेवन जहर के समान है।
- शहद में घी या दूध बराबर मात्रा में हानिकारक है।
- चीनी के साथ शहद मिलाना अमृत में विष मिलाने के समान है।
- एक साथ अधिक मात्रा में शहद न लें। ऐसा करना नुकसानदायक होता है। शहद दिन में दो या तीन बार एक चम्मच लें।
तेल, मक्खन में शहद जहर के समान है।
शहद खाकर किसी तरह की परेशानी महसूस हो रही हो तो नींबू का सेवन करें।
- अदरक के रस में या अडूसे के काढ़े में शहद मिलाकर देने से खाँसी में आराम मिलता है।
- पके आम के रस में शहद मिलाकर देने से पीलिया में लाभ होता है।
- जिन बच्चों को शकर का सेवन मना है, उन्हें शकर के स्थान पर शहद दिया जा सकता है।
- उल्टी (वमन) के समय पोदीने के रस के साथ शहद का प्रयोग लाभकारी रहता है।
- बढ़े हुए ब्लडप्रेशर में शहद का सेवन लहसुन के साथ करना लाभप्रद होता है।
- एक छोटा चम्मच शहद मे एक बादाम घिस कर मिला लें और रोज छोटे बच्चों को चटा देने से वे मजबूत कांतिवान मोटे हो जाते है ।
- बच्चों को खांसी होने पर एक चम्मच शहद मे एक चुटकी हल्दी मिलाकर सोते समय व सुबह खाली पेट चटा दे दो तीन दिनों मे खांसी गायब हो जाएगी ।
- शहद मे अदरक का रस और एक चुटकी दालचीनी पावडर मिलाकर चाटने से जोड़ों मे आराम मिलता है । खांसी होने पर भी इस प्रयोग को आजमाए ।
- भोजन से अरुचि होने पर एक चम्मच खट्टे अनार का रस और एक बड़ा चम्मच शहद और सेंधा नमक मिलाकर खिलाने से भोजन मे रुचि पैदा हो जाती है ।
- एक चुटकी छोटी हरड़ का पावडर और एक चम्मच शहद मिलाकर खाने से अम्ल पित्त शांत हो जाता है ।
- आधा नींबू का रस एक चम्मच शहद मिलाकर चाट लें अम्ल पित्त मे आराम हो जाएगा - नींबू के पत्तों का रस और शहद समान मात्रा मे लेकर खिलाने से पेट के कीड़े मर जाते है - त्रिफला एक छोटी चम्मच और एक चम्मच शहद मिलाकर रात्री के समय खाने के बाद चाट लिया करें और ऊपर से दूध पी लें , पेट के सभी रोगों से छुटकारा मिल जाएगा ।
- बीस ग्राम शहद दस ग्राम गाय का मक्खन मिलाकर दिन मे दो बार खाने से टी बी रोग ठीक हो जाता है ।
- अकरकरा का चूर्ण एक ग्राम दस ग्राम शहद मिलाकर चाटने से हिचकी दूर हो जाती है ।
- शहद और दो बूंद नींबू का रस मिलाकर चेहरे पर लगाने से चेहरे की कांति लौट आती है।
- एक चम्मच प्याज का रस और एक चम्मच शहद मिलाकर बालों पर लगाने से बाल झड़ना बंद हो जाते हैं । 
- रोजाना शहद खाने से मांसपेशियां मजबूत होती हैं। शहद का सेवन करने से पाचन तंत्र मजबूत होता है।
- शहद रोज खाने से आंखों की ज्योति बढ़ती है। आंखें स्वच्छ व चमकीली बनती है।
- ठंडे पानी में शहद मिलाकर प्रतिदिन सेवन करने से त्वचा का रंग साफ होता है तथा चेहरे पर लालिमा एवं कांति भी आ जाती है।
- त्वचा सम्बन्धी रोग हो या कहीं जल-कट गया हो तो शहद लगाएं। जादू सा असर दिखाई
- कब्जियत में टमाटर या संतरे के रस में एक चम्मच शहद डालकर सेवन करें, लाभ होगा।
-अधिक गर्म पानी, गर्म दूध, अधिक धूप में बच्चों को शहद का प्रयोग हानिकारक साबित होता है।