समय का महत्व
एक
छोटी सी कहानी,
जरूर पढिए, और विचार कीजिए ????
एक बार एक यात्री जंगल पथसे
चला जा रहा था! अचानक एक
जंगली हाथी उसकी और
झपटा! बचाव का कोई दूसरा उपाए न देखकर वह
रास्ते में एक कुएँ में कूद पड़ा!
कुएँ के बीच में बरगद का एक
मोटा पेड़ था!
यात्री उसी का तना पकड़कर
लटक गया!
कुछ देर बाद उसकी दृष्टि कुएँ में
नीचे की ओर
गयी! वहां पर एक विकराल मगर
उसके नीचे गिरने की बाट
देख रहा था! भय से व्याकुल हो उसने उपर
की और देखा! उसने
क्या देखा की पेड़ पर लगे शहद के
छत्ते से बूंद बूंद मधु टपक रहा था! स्वाद के
सामने वह भय को भूल गया !
वह मदमस्त होकर बूंद बूंद मधु
पीने लगा!
लेकिन यह क्या ?
उसने देखा की पेड़ का वो तना जिससे
वह लटका हुआ है, उसे एक सफ़ेद और एक
काला चूहा कुतर कुतर के काट रहे है!
इस विचित्र कहानी के लेखक
कहना चाहते है कि,
यह जीवन बड़ा छणिक और बहुत
ही नश्वर है!
हर एक सेकंड इंसान को मौत
की ओर धकेल
रहा है!
ये सांसारिक सुख
भी अस्थायी है!
इसमें हाथी काल है, मगर मृत्यु है,
मधु जीवन रस है और
काला तथा सफ़ेद चूहा दिन और रात है !
इसका अर्थ यह है कि हम प्रत्येक सेकंड
मृत्यु की तरफ बढ रहे है, काल
मृत्यु की तरफ धकेल रहा है, हम
जानते है कि हमारी आयु को ये चूहे
कुतर रहे है परन्तु फिर भी हम
जीवन के इस कटु सत्य को अनुभव
नहीं करते ! और यदि इंसान होकर
भी नहीं जाग पाए
तो बहुत पछताना पड़ेगा..
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे, हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे
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